नव दशाब्दि के
प्रथम वर्ष के
प्रथम दिवस पर
धरती की रोटी पर यह सूरज का टुकड़ा
शहद बिखेरे प्रथम रश्मि का.
हम करते हैं विनती
उस परमेश्वर से कि
यह मिठास फैले हर दिन पर
आने वाले नये साल के!
सभी सुधिपाठकगण को
“संवेदना के स्वर” का
मंगल संदेश!!
नव वर्ष मंगलमय हो!!
सलिल वर्मा
चैतन्य आलोक