आज सुबह "आज समाज" समाचार पत्र में प्रकाशित "मंसूर नकवी" का यह कार्टून उस चाकलेट की तरह लगा जिसे देखकर पहले तो होठों पर मुस्कान आ गयी और फिर इसने जीभ को छुआ तो आर्थिक उदारीकरण, भारतीय राजनीति और न्याय व्यव्स्था सब के एक मिश्रित कसैले स्वाद से मुहँ भर गया!