सम्वेदना के स्वर

यह ब्लॉग उस सनातन उत्सवधर्मिता को जीवित रखने का प्रयास है,

जिसमें भाव रस और ताल का प्रतीक आम आदमी का भा-- बसता है.
सम्वेदनाएँ...जो कला, साहित्य, दर्शन, विज्ञान, राजनीति आदि के माध्यम से अभिव्यक्त होती हैं, आम आदमी के मन, जीवन और सरोकार से होकर गुज़रती हैं तथा तलाशती हैं उस भारत को, जो निरंतर लड़ रहा है अपने अस्तित्व की लड़ाई.....

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Saturday, May 22, 2010

चौथे खंभे के ढपोरशंखी !!

आज की दुनिया में हर रोज, हम एक नई सुबह की कामना के साथ बिस्तर से उठते हैं और ऐसे में यदि कोई कह दे कि आज का दिन बड़ा अच्छा गुज़रेगा तो बस उसके मुंह में घी शक्कर डालकर जीवन के अग्निपथ पर चल देते हैं.

हमारे इस दिवास्वप्न की पूर्ति के लिए, हमारे देश का टेलीविज़न मीडिया सुबह होते ही अपने अपने ज्योतिषियों के साथ आ धमकता है, और फिर लगभग घण्टे भर विरोधाभासी भविष्यवाणियों का प्रदूषण फैलता रहता है.

यूँ तो विरोधाभासी भविष्यवाणियों के इस मायाजाल में कोई भी चैनल किसी से कम नहीं, परंतु न्यूज-24 चैनल की एक ढपोरशंखी महिला से मुझे सख्त चिढ हो चली है. कई बार सलिल भाई साहब को गुस्से में फोन कर के इनकी शिकायत भी की है. परंतु जैसे मैं इस दुनिया से अकेला निबटता हूँ, वैसे ही असहाय सलिल भाई भी हैं. उन्होने मुझे यह ताकीद कर, कि “इस टेलीविज़न मीडिया का कोई कुछ नही बिगाड़ सकता है! ” कई बार आगाह भी किया. पर मुझे तो बार-बार यही लगता है कि चौथे खंभे के आगे बाकी तीनो खम्भे भी दंडवत हो चले हैं.

ये मैडम जी! ठेठ जादूगरनी स्टाइल में सुबह नौ बजे एक क्रिस्टल-बाल लेकर बैठती हैं तथा फोन पर पूछी गयी समस्या का समाधान अपनी क्रिस्टल-बाल के भीतर झांक कर दे देतीं हैं. कोई घातक बीमारी से परेशान हो...., नौकरी न लग रही हो....., व्यापार न चल रहा हो.....हर समस्या को यह अपनी क्रिस्टल-बाल मे देखने का दावा करतीं है और फिर अजीबो-गरीब समाधान भी सुझाती हैं जैसे...पीले लिफाफे में पांच हरे पत्ते रखकर पानी मे बहा दें....अपनी जेब मे तीन रंग के कंचे रखें.....नीले कपड़े न पहनें....आदि.

अगर यह महिला जानबूझकर बकवास नहीं कर रहीं हैं, तो मेरा मानना है कि इनका इलाज़ किसी अच्छे मनोचिकित्सक से, चैनल के खर्चे पर कराना चाहिये. वह इसलिये, कि इस चैनल के मालिक श्री राजीव शुक्ला जी सम्मानित संसद सदस्य तथा स्वयम पत्रकार हैं और प्रगतिवादी विचारों के मानें जाते हैं. इस चैनल की मैनेजिंग डायरेक्टर अनुराधा प्रसाद जी, जो राजीव शुक्ला जी की पत्नी तथा बीजेपी के रविशंकर प्रसाद जी की बहन हैं, उनसे भी हमारी प्रार्थना है, प्लीज़! आप स्वयम आकर हमारा कुछ भी भविष्य बता दीजिये, पर इन मोहतरमा के अत्त्याचार से हमें बचाइये.

अभी-अभी इनटरनैट पर जब इन मोहतरमा के बारे में गूगल किया तो पता चला कि ये “मुम्बई फिल्म अकादमी” से वोइसिंग एवं एन्करिंग का कोर्स करने के पश्चात ही इस "धन्धे" में आयीं हैं. इस कारण, वो मनोचिकित्सक वाली बात मै वापस लेता हूं. फिलहाल सलिल भाई की बात मानते हुए एक और चैनल को अपनी लिस्ट से डिलीट कर रहा हूं.

पुनश्च : हम आप सबका ध्यान “समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण” की “समाचार प्रसारण मानक नियमावली” के सिद्धांत आठ कि और आकर्षित करना चाहते हैं जिसके अनुसार प्रसारण के अंतर्गत “अधंविश्वास एवं जादू टोने को बढावा देने अथवा उनकी वकालत करने से परहेज़ हो”.

न्यूज़ ब्राडकास्टर्स एसोसिएशन (एन. बी. ए.) द्वारा गठित “समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण” एक स्वतंत्र निकाय है. इसका कार्य प्रसारण के मानदंडो का अनुपालन कराना है. (इसके बारे में हम अपने ब्लोग मे आगे विस्तार से बात करेंगे. शायद कोई रास्ता निकले)

हां! इस सन्दर्भ में न्यूज़ ब्राडकास्टर्स एसोसिएशन (एन. बी. ए) की वेब साइट से आप और अधिक जानकारी ले सकते हैं, पता है : http://www.nbanewdelhi.com/
 
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