चढते हुए पारे ने चालीस का स्तर पार कर लिया है
परिंदे प्यास के मारे दम तोड़ रहे हैं...
आइए...
अपनी सम्वेदनशीलता को जीवित करें
अपने घर, आँगन, छत, मुंडेर, बाग, बगीचे, कहीं भी
एक बरतन में पानी रखें
उन परिंदों के लिए,
उनके जीवन के लिए
धरोहर हैं ये हमारी... इन्हें जीवन दान दें!!
आज पृथ्वी दिवस है - २२ अप्रैल २०१०: हरियाली ही खुशहाली है!!
