सम्वेदना के स्वर

यह ब्लॉग उस सनातन उत्सवधर्मिता को जीवित रखने का प्रयास है,

जिसमें भाव रस और ताल का प्रतीक आम आदमी का भा-- बसता है.
सम्वेदनाएँ...जो कला, साहित्य, दर्शन, विज्ञान, राजनीति आदि के माध्यम से अभिव्यक्त होती हैं, आम आदमी के मन, जीवन और सरोकार से होकर गुज़रती हैं तथा तलाशती हैं उस भारत को, जो निरंतर लड़ रहा है अपने अस्तित्व की लड़ाई.....

Saturday, January 1, 2011

आईये स्वागत करें नववर्ष का!!


नव दशाब्दि के
प्रथम वर्ष के
प्रथम दिवस पर
धरती की रोटी पर यह सूरज का टुकड़ा
शहद बिखेरे प्रथम रश्मि का.
हम करते हैं विनती
उस परमेश्वर से कि
यह मिठास फैले हर दिन पर
आने वाले नये साल के!

सभी  सुधिपाठकगण को
संवेदना के स्वरका
मंगल संदेश!!
नव वर्ष  मंगलमय  हो!!

सलिल वर्मा
चैतन्य  आलोक

27 comments:

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

वर्ष की प्रथम टिप्पणी अपने ब्लॉग पर करते हुये प्रसन्नता हो रही है! ईश्वर इतना साहस दे कि सच को सच कह सकें और कलम में इतनी शक्ति कि सच लिखते हुये हाथ न काँपें!!

kshama said...

Aap donoko anekanek shubhkamnayen!

शिवम् मिश्रा said...

सलिल भाई और चैतन्य भाई
बस इतना ही कह सकता हूँ ...

इस रिश्ते को यूँही बनाये रखना,
दिल में यादो के चिराग जलाये रखना,
बहुत प्यारा सफ़र रहा 2010 का,
अपना साथ 2011 में भी बनाये रखना!
नव वर्ष की शुभकामनायें!

सुज्ञ said...

सलिल जी एवं चैतन्य जी,
आपके सम्वेदना के स्वर………सत्ययुक्त लेखन शक्ति की कामना के संकल्प का अभिनंदन और शुभकामनाएं।
ईश्वर हमें भी वह शक्ति दे हम आपके साहस का समय समय समर्थन कर पाएँ

प्रवीण पाण्डेय said...

आपको भी शुभकामनायें।

मो सम कौन ? said...

२०११ की पहली टिप्पणी मित्रद्वय के ब्लॉग पर,
जो रिश्ते 2010 में बने, ताऊम्र चलें और ऐसी ही आन, बान और शान से चलें।

RAJEEV KUMAR KULSHRESTHA said...

आपको नववर्ष 2011 मंगलमय हो ।
क्या कहने साहब ।
जबाब नहीं निसंदेह ।
यह एक प्रसंशनीय प्रस्तुति है ।
धन्यवाद ।
satguru-satykikhoj.blogspot.com

: केवल राम : said...

नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनायें
इस वर्ष की पहली टिप्पणी और पहला ब्लॉग जिसका अनुसरण कर रहा हूँ ...आपको हार्दिक शुभकामनायें

खुशदीप सहगल said...

सुदूर खूबसूरत लालिमा ने आकाशगंगा को ढक लिया है,
यह हमारी आकाशगंगा है,
सारे सितारे हैरत से पूछ रहे हैं,
कहां से आ रही है आखिर यह खूबसूरत रोशनी,
आकाशगंगा में हर कोई पूछ रहा है,
किसने बिखरी ये रोशनी, कौन है वह,
मेरे मित्रो, मैं जानता हूं उसे,
आकाशगंगा के मेरे मित्रो, मैं सूर्य हूं,
मेरी परिधि में आठ ग्रह लगा रहे हैं चक्कर,
उनमें से एक है पृथ्वी,
जिसमें रहते हैं छह अरब मनुष्य सैकड़ों देशों में,
इन्हीं में एक है महान सभ्यता,
भारत 2020 की ओर बढ़ते हुए,
मना रहा है एक महान राष्ट्र के उदय का उत्सव,
भारत से आकाशगंगा तक पहुंच रहा है रोशनी का उत्सव,
एक ऐसा राष्ट्र, जिसमें नहीं होगा प्रदूषण,
नहीं होगी गरीबी, होगा समृद्धि का विस्तार,
शांति होगी, नहीं होगा युद्ध का कोई भय,
यही वह जगह है, जहां बरसेंगी खुशियां...
-डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

नववर्ष आपको बहुत बहुत शुभ हो...

जय हिंद...

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

नया साल आपको मुबारक हो .

मनोज कुमार said...

सर्वस्तरतु दुर्गाणि सर्वो भद्राणि पश्यतु।
सर्वः कामानवाप्नोतु सर्वः सर्वत्र नन्दतु॥
सब लोग कठिनाइयों को पार करें। सब लोग कल्याण को देखें। सब लोग अपनी इच्छित वस्तुओं को प्राप्त करें। सब लोग सर्वत्र आनन्दित हों
सर्वSपि सुखिनः संतु सर्वे संतु निरामयाः।
सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्चिद्‌ दुःखभाग्भवेत्‌॥
सभी सुखी हों। सब नीरोग हों। सब मंगलों का दर्शन करें। कोई भी दुखी न हो।
बहुत अच्छी प्रस्तुति। नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं!

साल ग्यारह आ गया है!

सतीश सक्सेना said...

हार्दिक मंगल कामनाएं आपके लिए !

दीपक बाबा said...

आंग्ल नववर्ष २०११ की हार्दिक शुभकामनाएं......

लेखकद्वय का ये नाद गूंजता रहे २०११ में भी.....

स्वप्निल कुमार 'आतिश' said...

bahut rythamic tareeke se wish kiya hai aapne to... :) aap dono ki jodi is saal bhi apna swar mukhar kare..
happy new year... :)

नीरज गोस्वामी said...

नव वर्ष की ढेरों शुभ कामनाएं...आप दोनों अपनी कलम के माध्यम से यूँ ही अलख जगाए रखें...

नीरज

deepak saini said...

आप को सपरिवार नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं .

boletobindas said...

नये साल की शुभकानाएं आपको। साथ ही देश के लिए बेहतर हो. हम सभी एकजुट हो सकें। ताकि देश आगे बढ़े। यही कामना करता हूं।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

नव वर्ष की शुभकामनाएँ

मनोज भारती said...

भई वाह !!! चला बिहारी से लेकर सम्वेदना के स्वर तक नए वर्ष का अभिनंदन काव्य से हो रहा है, लगता है आने वाले दिन काव्यमयी होने जा रहें हैं...सम्वेदना और रोमानीयत का संदेश दिन-प्रतिदिन बढ़ता रहे, यही आशा करते हैं इस नव वर्ष की शुभ बेला पर !!! आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

Arvind Mishra said...

सलिल चैतन्य की जोड़ी को नए वर्ष पर अनगिन अनन्त शुभकामनाएं !

राजेश उत्‍साही said...

सलिल चैतन्‍य रहें
और चैतन्‍य सलिल की तरह बहें
यही कामना है

स्‍वर सम्‍वेदना के
निष्‍पक्ष रहें
बात अपने विवेक से कहें
बेवजह की बाढ़ में न बहें
यही कामना है

Akshita (Pakhi) said...

नए साल की पहली पोस्ट.प्यारी रचना....अच्छी लगी.
नव वर्ष पर आपको ढेर सारी बधाइयाँ.
_____________
'पाखी की दुनिया' में नए साल का पहला दिन.

फ़िरदौस ख़ान said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं...

soni garg said...

ये भी बढ़िया है !!!!
चैतन्य भाई आपको नववर्ष की ढेरो शुभकामनाये !!!!!

दिगम्बर नासवा said...

सलिल जी और चैतन्य जी .... आपको नव वर्ष की बहुत बहुत मंगल कामनाये ... नए वर्ष में प्रेम की सरिता यूँ ही बहती रहे ...

ali said...

आप द्वय के लिए अनंत शुभकामनाएं !

JHAROKHA said...

salil bhai ji avam chiatany bhi ji,
anuthe shbdo se swgat kiya aapne bahut hi achha laga nav varshh ki aap ko bhi bahut bhut shubhkamna------
jo beet gaya so beet gaya ,
jo aaya hai vo behtar hai
ummid yahi ,aasha bhi yhi,
yah bhi achha hi hoga
jo aane wala do hajaar
gyrah hai------
hardik shubh kmnao sahit
poonam

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