सम्वेदना के स्वर

यह ब्लॉग उस सनातन उत्सवधर्मिता को जीवित रखने का प्रयास है,

जिसमें भाव रस और ताल का प्रतीक आम आदमी का भा-- बसता है.
सम्वेदनाएँ...जो कला, साहित्य, दर्शन, विज्ञान, राजनीति आदि के माध्यम से अभिव्यक्त होती हैं, आम आदमी के मन, जीवन और सरोकार से होकर गुज़रती हैं तथा तलाशती हैं उस भारत को, जो निरंतर लड़ रहा है अपने अस्तित्व की लड़ाई.....

Thursday, April 28, 2011

KBC-फाईव, कार्टून-लाईव !

आज सुबह "आज समाज" समाचार पत्र में प्रकाशित "मंसूर नकवी" का यह कार्टून उस चाकलेट की तरह लगा जिसे देखकर पहले तो होठों पर मुस्कान आ गयी और फिर इसने जीभ को छुआ  तो आर्थिक उदारीकरण, भारतीय राजनीति और न्याय व्यव्स्था  सब के एक मिश्रित कसैले स्वाद से मुहँ भर गया!     

20 comments:

दीपक बाबा said...

:):):):)

सुशील बाकलीवाल said...

उत्तम जीवन्त प्रसारण KBC-5 लाईव का.

Coral said...

बहुत अच्छे

ajit gupta said...

बेहद उम्‍दा, आनन्‍द आ गया।

रूप said...

good one . contemporary.

shikha varshney said...

:) :) कितना सटीक है.

Apanatva said...

:(

दिगम्बर नासवा said...

सटीक ...

ZEAL said...

Fantastic !

Rahul Singh said...

मजेदार चिकोटी.

मनोज कुमार said...

लाजवाब!!

kshama said...

Aha!

Deepak Saini said...

bahut badhiya

सुज्ञ said...

ला -जवाब कल्पना!!

_____________________

निरामिष: अहिंसा का शुभारंभ आहार से, अहिंसक आहार शाकाहार से
सुज्ञ: ईश्वर हमारे काम नहीं करता…

Arvind Mishra said...

क्या कहने !

स्वप्निल कुमार 'आतिश' said...

hanste hanste pet fat gaya

संजय @ मो सम कौन ? said...

KBC बोले तो?
खिलाड़ियों के अनुरूप नाम विस्तारण क्या होना चाहिये?

सम्वेदना के स्वर said...

@ मो सम कौन ?

आप ही कहिये?

प्रवीण पाण्डेय said...

बस आगे पीछे का अन्तर है।

ali said...

बेहतरीन !

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